पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से 6,600 लोगों को बचाया
सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित जिलों में 88 राहत कैम्प स्थापित
24X7 स्टेट बाढ़ कंट्रोल रूम पूरी स्थिति पर नज़र रखने के इलावा बाढ़ प्रभावित लोगों को प्रदान कर रहा सहायता
जालंधर, पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से 6,600 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर स्थापित राहत शिविरों में पहुंचाया है।
डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल और पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने जालंधर में स्टेट बाढ़ कंट्रोल रूम का निरीक्षण करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने पूरे बचाव और राहत कार्यों की निगरानी के लिए जालंधर में एक राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम(0181-2240064) स्थापित किया है। इस पहल का उद्देश्य प्रभावित लोगों तक समय पर राहत सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित करना है।
विस्तृत जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर एवं सलाहकार श्री बाली ने बताया कि बाढ़ से कुल 835 गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें अमृतसर में 14, बठिंडा में 21, बरनाला में 7, लुधियाना में 20, पठानकोट में 81, फाजिल्का में 20, मानसा में 11, तरनतारन में 45, एस.बी.एस. नगर में 3, मलेरकोटला में 1, श्री मुक्तसर साहिब में 64, संगरूर में 22, फिरोजपुर में 93, एस.ए.एस. नगर में 1, कपूरथला में 107, गुरदासपुर में 202, फतेहगढ़ साहिब में 1, मोगा में 35, रूपनगर में 2 और होशियारपुर में 85 गांव शामिल है।
उन्होंने बताया कि 6,600 से ज़्यादा लोगों को बचाया गया है, जिनमें फ़िरोज़पुर में 2007, गुरदासपुर में 2200, पठानकोट में 1100, कपूरथला में 220, होशियारपुर में 1052 और मोगा में 20 लोग शामिल है। इन लोगों को बाढ़ प्रभावित ज़िलों में सरकार द्वारा स्थापित 88 राहत शिविरों में भेजा गया है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि इन शिविरों में भोजन, दवाइयां और अन्य राहत सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को अधिक से अधिक सहायता प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि इस संकट में लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों से अपील की कि वे सरकार से मदद के लिए राज्य बाढ़ कंट्रोल रूम के नंबर 0181-2240064 पर संपर्क करें ताकि राहत सामग्री या बचाव कार्यों से संबंधित अधिकारियों द्वारा तुरंत कार्रवाई की जा सके।
