चंडीगढ़/अमृतसर/जालंधर, अमृतसर के इस्लामाबाद पुलिस स्टेशन पर हुए हमले के मद्देनज़र, पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने मंगलवार को शहर का दौरा किया और संबंधित अधिकारियों को पेशेवर पुलिसिंग सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यह दौरा मंगलवार तड़के 3 इस्लामाबाद पुलिस थाने में घटी घटना के कुछ घंटे बाद किया गया। उन्होंने ऐसे घिनौने अपराध के रुझानों और पैटर्न की पहचान कर अपराधों का पता लगाने के लिए सभी तकनीकी और फॉरेंसिक साधनों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जांच करने को कहा, ताकि दोषियों को सजा सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में पुलिस कमिश्नर (सी.पी.) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डी.आई.जी.) फिरोजपुर रेंज रणजीत सिंह ढिल्लों, डी.आई.जी. बॉर्डर रेंज सतिंदर सिंह और एस.एस.पी. अमृतसर (दिहाती) चरनजीत सिंह हाजिर थे। डी.जी.पी. गौरव यादव ने सीमावर्ती जिलों में अमन-कानून की स्थिति का भी जायजा लिया और पुलिस संस्थानों पर हुए पिछले हमलों से संबंधित प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा, “अजनाला पुलिस थाना में आई.ई.डी. इम्प्लांट और नवांशहर के असरों की पुलिस चौकी पर हैंड ग्रेनेड हमले सहित पुलिस प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों से संबंधित पिछले सभी केसों को सफलतापूर्वक हल कर लिया गया है और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने विभिन्न जिलों द्वारा अपराधों से निपटने के लिए उपयोग की जा रही विभिन्न तकनीकों की सराहना की, जिसमें जालंधर शहर में क्राइम मैपिंग, जिला होशियारपुर में संगठित अपराध के लिए छुपी हुईं भारतीया न्या संहिताओं (बी.एन.एस.) धाराओं की उपयोग, जिला कपूरथला में सी.सी.टी.वी. की व्यापक उपयोग और सब डिविजनल कंट्रोल रूम की स्थापना, जिला जालंधर दिहाती में पेशेवर पुलिसिंग, जहां घिनौने अपराधों में शामिल व्यक्तियों को गिरफ्तार करने, दो-पहिया वाहनों पर विशेष ध्यान देते हुए सुव्यवस्थित ट्रैफिक संबंधी ध्यान देकर ट्रैफिक संबंधी अभियान, की ओर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
