क्राइस्ट यानि यीशु मसीह की मां जब गर्भवती हो गई, तब वह डर गई. तब वह लड़की थी. उसकी शादी नहीं हुई थी. उस दौर में ये भय़ंकर पाप और अपराध माना जाता था.जो भी स्त्री इस अपराध की दोषी पाई जाती थी तो लोग पत्थर से मार-मारकर उसकी जान ले लेते थे. इस स्थिति ने मरियम की नींद ही उड़ा दी. यहां तक कि उसका मंगेतर इतना नाराज था कि शादी तोड़ने के बारे में सोचने लगा था.
जब मैरी गर्भवती हुईं, तो वह प्राचीन यहूदी साम्राज्य के गलील प्रांत में स्थित नासरत में थीं. तब कुंवारी लड़कियों का गर्भवती होना गंभीर सामाजिक अपराध और पाप माना जाता था. ऐसी महिलाओं को कठोर सजा का सामना करना पड़ता था.
हम सभी को मालूम है कि जब यीशु यानि क्राइस्ट का जन्म बैतलहम के एक साधारण से मवेशी के चारागाह में भी छिपाकर हुआ था. ना तो मरियम चाहती थी कि उसके घर और शहर में इस बात का पता लगे. उसी वजह से उसको अपने घर से दूर आकर बच्चे को बैतलहम आकर जन्म देना पड़ा था.
