नई दिल्ली : अंग्रेजी के महान साहित्यकार विलियम शेक्सपियर की महान कृति हैमलेट में एक सीन है जहां डेनमार्क के प्रिंस हैमलेट को उनके पिता का भूत दिखाई देता है। भूत था किंग हैमलेट का। भूत बताता है कि उसकी यानी किंग हैमलेट की स्वाभाविक मौत नहीं हुई थी बल्कि भाई क्लॉडियस ने उसकी हत्या की थी। इतनी चालाकी से हत्या कि किसी को शक तक नहीं हुआ। जब वह दोपहर में अपने बगीचे में नींद का आनंद ले रहे थे, तब क्लॉडियस ने किसी जहरीले पौधे के अर्क को उनके कान में डाल दिया जिससे उनकी मौत हो गई। महाभारत में भी जहर के जरिए हत्या की कोशिश का प्रसंग है।
बचपन में ही दुर्योधन ने खीर में जहर मिलाकर भीम को मारने की कोशिश की थी। मुगलों के दिल में तो खाने में जहर मिलाए जाने का डर इतना समाया हुआ था कि उन्होंने अपने बेहद भरोसेमंद लोगों को ये जिम्मेदारी दे रखी थी कि वे खाने में मिलावट न हो, इसे सुनिश्चित करें। खाने को पहले कोई और चखता था, फिर बादशाह भोजन करते थे। हत्या के लिए जहर को हथियार बनाए जाने के उदाहरण प्राचीन काल से चले आ रहे हैं। ताजा चर्चित मामला यूपी के संभल का है जहां बीजेपी नेता गुलफाम सिंह यादव को जहरीला इन्जेक्शन देकर मारे जाने का शक जताया गया है। वह समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के खिलाफ चुनाव लड़ चुके थे।
