मौजूदा यानी 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है. हालांकि, सरकार 8वें वेतन आयोग में कौन सी सिफारिशें लागू करेगी, कितना फिटमेंट फैक्टर लागू होगा. इसको लेकर के अभी कोई बयान नहीं दिया है. कर्मचारी संगठन 2.86 फिटमेंट लागू करने की सिफारिश कर रहा है. अगर ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी के साथ-साथ उनकी पेंशन में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. इसी बीच ऐसी खबरें आ रही हैं कि जेसीएम ने केंद्रीय कर्मचारियों के पे स्केल में बदलाव करने के सुझाव दिए हैं. आइए समझते हैं कि अगर ऐसा होता है, तो किसे क्या फायदा होगा.
कर्मचारियों की मांग को आगे बढ़ाने के लिए और उनकी वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए NC-JCM Staff Side ने सरकार के सामने कुछ सुझाव पेश किए हैं, जिसमें पहला तो फिटमेंट फैक्टर 2.86 लागू करने का है और दूसरा पे स्केल के मर्जर का है. NC-JCM Staff Side के सचिव शिव गोपाल मिश्र की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों के पे स्केल को 1 से 6 तक एक मिलाने की सिफारिश की है. अभी तक 18 पे स्केल हैं.
वहीं, अगर पिछले वेतन आयोग की सिफारिश की बात करें, तो लेवल 1 के तहत कर्मचारियों की सैलरी बढ़कर 18,000 हर महीने हो गई है और लेवल 18 की सैलरी बढ़कर 2,50,000 रुपये हर महीने हो गई है.
स्टॉफ साइड की ओर से दिए गए सुझावों में सबसे अहम सुझाव पे स्केल को मर्ज करने का है, जिसके मुताबिक, सरकार लेवल 1 के साथ लेवल 2, लेवल 3 के साथ लेवल 4 और लेवल 5 और लेवल 6 को मर्ज कर सकती है.
