एक गलती कितनी भारी पड़ सकती है, उसका बेहतरीन उदाहरण है टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच का क्रिकेट करियर. साल 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले T20 मुकाबले में गौतम गंभीर से गलती क्या हुई, अगली 52 गेंदों में उनका T20 करियर ही खत्म हो गया. भारत और इंग्लैंड के बीच वो मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था. ऑयन मॉर्गन की कप्तानी में इंग्लैंड ने वो मुकाबला 6 विकेट से जीता था, जिसमें बतौर ओपनर टीम इंडिया से खेल रहे गंभीर एक विलेन बनकर उभरे थे.
मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग की थी. भारत की ओर से गंभीर और रहाणे ने ओपनिंग की. 5 गेंद खेलने के बाद रहाणे के आउट हो जाने से ओपनिंग जोड़ी तो सस्ते में टूटी ही थी, रही सही कसर गंभीर की भारी गलती ने पूरी कर दी. ओपनर्स का काम टीम को तेज-तर्रार शुरुआत दिलाना होता है. खासकर बात जब T20 क्रिकेट की हो. लेकिन, उस मुकाबले में ऐसा नहीं हुआ, जिसमें गंभीर का बड़ा रोल रहा.
साफ है कि भारत थोड़े और रन बना सकता था. उसके स्कोर बोर्ड में कुछ और रन जुड़ सकते थे अगर गंभीर ने तेज पारी खेली होती. इंग्लैंड के खिलाफ उस धीमी इनिंग के बाद गंभीर का T20 करियर अगले दो मैच तक और चला. उन्होंने अगले 2 मैच पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू T20 सीरीज में खेले. पहले मैच में उन्होंने 41 गेंदों में 43 रन बनाए. जबकि अहमदाबाद में खेले दूसरे T20 में गंभीर ने 11 गेंदों पर 21 रन बनाए. इस तरह दो मैचों में 52 गेंदों का सामना कर गंभीर ने 64 रन बनाए. और, उसी के साथ उनके T20 करियर पर विराम लग गया.
