पाकिस्तान से दोस्ती के चक्कर में तुर्किए ने बड़ी गलती कर दी है. इंस्ताबुल की बैठक में तुर्किए ने तालिबान को खड़ी-खोटी सुना दी है. वो भी इस्लाम से जुड़े मुद्दों को लेकर. कहा जा रहा है कि तुर्किए की इस हरकत से तालिबान नाराज हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा नुकसान पाकिस्तान को ही होगा.
इंस्ताबुल में एक बैठक के दौरान तुर्किए ने कहा कि अफगानिस्तान में आतंकवादी पल रहे हैं, जो ठीक नहीं है. दिलचस्प बात है कि तुर्किए ने यही आरोप पाकिस्तान पर नहीं लगाया. तुर्किए ने तालिबान शासन से तुरंत इसे खत्म करने की अपील की. तुर्किए ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान को हिंसा छोड़ एक ऐसी सरकार का गठन करना चाहिए, जो लोकतांत्रिक हो. तुर्किए ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर भी तालिबान की निंदा की. इंस्ताबुल ने तालिबान के खिलाफ ऐसे वक्त में सख्त टिप्पणी की है, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अंकारा के दौरे पर हैं.
