मधुबनी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मधुबनी के झंझारपुर में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उनके निशाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रहे। जाहिर-सी बात है, 2020 बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ मिलकर नीतीश कुमार ने जीत हासिल की थी। बीजेपी ने नीतीश कुमार को सीएम बनने का मौका दिया। बाद में नीतीश कुमार ने बीजेपी से नाता तोड़कर आरजेडी के साथ सरकार बना ली। इस बात की टिस कहीं ना कही बीजेपी को है। वैसे तो अमित शाह कई मसलों पर बोले। मगर इस दौरान उन्होंने दरभंगा एम्स का भी जिक्र किया, जो जमीन के मामले को लेकर फंसा हुआ है। इसके बाद बिहार बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पहले ट्विटर) पर एक टेक्स्ट ट्वीट किया जिसमें कहा गया कि पटना एम्स मोदी सरकार की देन है। इसके बाद कई लोगों ने सवाल उठा दिए। तो ऐसे में जान लेते हैं कि आखिर सच्चाई क्या है? बिहार बीजेपी के ऑफिसियल ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि ‘दरभंगा एम्स पर नीतीश बाबू बोलते रहते हैं। बहुत कम प्रदेश हैं, जहां पर दो एम्स दिए गए हैं। मोदी जी ने पटना में एम्स दिया, 2020 दिसंबर में दरभंगा में दूसरा एम्स दिया। नीतीश जी ने 81 एकड़ भूमि दे दी पहले मेडिकल कॉलेज में, बाद में इसको वापस ले लिया। अगर नीतीश जी ने भूमि वापस ना ली होती तो आज यहां पर एम्स बन गया होता और यहां पर मरीजों का इलाज हो रहा होता।
