Business Khas

Latest news
ਐਮ.ਪੀ. ਅਸ਼ੋਕ ਕੁਮਾਰ ਮਿੱਤਲ ਵੱਲੋਂ ਜਲੰਧਰ ਵਿੱਚ 1.50 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਦਾ ਉਦਘਾਟਨ ਅਤੇ ਨੀਂਹ ਪੱਥਰ ਕਾਂਗਰਸ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਨਵ- ਨਿਯੁਕਤ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ.ਪ੍ਰਗਟ ਸਿੰਘ ਕਾਂਗਰਸ ਭਵਨ ਜਲੰਧਰ ਵਿਖੇ प्रागपुर मंडल के बाबा बुड्ढा जी एंक्लेव में बैठक आयोजित, स्थानीय निवासियों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग 40-45 साल बाद सुधरेगी रास्ता मोहल्ला की नालियों की दशा, मेयर वनीत धीर ने दी बड़ी राहत ਅਜੈ ਦੇਵਗਨ ਦੇ ਜੁਹੂ ਸਥਿਤ ਬੰਗਲੇ ’ਤੇ BMC ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ, ਨਾਜਾਇਜ਼ ਉਸਾਰੀ ਦੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਹੇਠ ਕੁਝ ਹਿੱਸੇ ਢਾਹੇ ਪੇਸ਼ੀ ਤੋਂ ਠੀਕ ਪਹਿਲਾਂ ਲੰਡਨ ਰਵਾਨਾ ਹੋਏ ਧਰੁਵ ਰਾਠੀ, ਅਦਾਲਤ ਵੱਲੋਂ ਵਾਰੰਟ ਜਾਰੀ ਸੜਕ ਪਾਰ ਕਰ ਰਹੀ ਮਹਿਲਾ ਨੂੰ ਟਰੱਕ ਨੇ ਕੁਚਲਿਆ; ਮੌਕੇ ‘ਤੇ ਮੌਤ ਰੂਸ ਤੋਂ ਤੇਲ ਖਰੀਦਣ ‘ਤੇ ਨਹੀਂ ਲੱਗੇਗਾ ਟੈਰਿਫ ਅਮਰੀਕਾ ਨੇ ਭਾਰਤ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ; ਟਰੰਪ ਬੋਲੇ- ਇਹ ਸਾਡੇ ਕੌਮੀ ਹਿੱਤ ‘ਚ ਮੁਸਕਾਨ-ਸਾਹਿਲ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਰਵਿਤਾ ਅਤੇ ਅਮਰਦੀਪ ਨੂੰ ਵੀ ਮੌਤ ਦੀ ਸਜ਼ਾ
You are currently viewing डाबर ने कहा कि कुछ सेगमेंट्स में महंगाई दबाव देखने को मिला

डाबर ने कहा कि कुछ सेगमेंट्स में महंगाई दबाव देखने को मिला

बढ़ती महंगाई, हाई प्रोडक्शन कॉस्ट और प्राइस स्टेबलाइजेशन संबंधी उपायों से प्रभावित रोजमर्रा में यूज होने वाले सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) कंपनियों के ग्रॉस मार्जिन में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान गिरावट आने की आशंका है. इसके अलावा इन कंपनियों का प्रॉफिट भी काफी कम या स्थिर रह सकता है. कई एफएमसीजी कंपनियों के रेवेन्यू में निचले स्तर पर सिंगल डिजिट में वृद्धि की उम्मीद है.

इसका एक कारण यह हो सकता है कि कई कंपनियों ने दिसंबर तिमाही में कोपरा, वनस्पति तेल और पाम ऑयल जैसे प्रोडक्ट्स की बढ़ती कॉस्ट के कारण कीमतों में बढ़ोतरी का विकल्प चुना है. कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब हाई फूड इंफ्लेशन के कारण कम खपत ने शहरी बाजार को प्रभावित किया है. हालांकि, ग्रामीण बाजार जिसका कुल एफएमसीजी बाजार में एक-तिहाई से थोड़ा अधिक हिस्सा है, इससे आगे रहा है.

डाबर और मैरिको जैसी कुछ लिस्टिड एफएमसीजी कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए अपने अपडेट साझा किया है. इसके आधार पर विश्लेषकों ने इन कंपनियों की मात्रा में वृद्धि निचले स्तर पर एकल अंक में या स्थिर रहने की उम्मीद जताई है. घरेलू फार्मा डाबर को दिसंबर तिमाही में निचले सिंगल डिजिट की वृद्धि की उम्मीद है. इस दौरान कंपनी का परिचालन मुनाफा स्थिर रह सकता है. डाबर ने कहा कि कुछ सेगमेंट्स में महंगाई दबाव देखने को मिला, जिसे आंशिक रूप से तकनीकी मूल्य वृद्धि और लागत दक्षता उपायों से कम किया जा सका.