जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जॉयमाल्या बागची इस स्पेशल रिवीज़न को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे हैं. कोर्ट ने इस स्तर पर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया. जस्टिस सुधांशु धूलिया ने कहा, “हम भी मानते हैं कि इस मामले में पूरी सुनवाई की ज़रूरत है, इसलिए इसे 28 जुलाई 2025 को सुना जाएगा.”
हालांकि उन 11 दस्तावेज़ों के मुद्दे पर, जिनका ज़िक्र चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया में किया था, कोर्ट ने कहा, “चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने ख़ुद बताया कि जिन दस्तावेज़ों को मानने की बात की गई है, उनकी लिस्ट में 11 दस्तावेज़ शामिल हैं. लेकिन आदेश से साफ़ है कि यह सूची अंतिम नहीं है. इसलिए हमारी पहली नज़र में राय है कि न्यायहित में यह उचित होगा कि चुनाव आयोग इन दस्तावेज़ों को भी माने, आधार कार्ड, ख़ुद आयोग की तरफ़ से जारी ईपीआईसी कार्ड (वोटर आईडी) और राशन कार्ड. इससे याचिकाओं में उठे ज़्यादातर मुद्दे अपने आप सुलझ जाएंगे.”
