नई दिल्ली, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जितने जोर-शोर से चीन पर टैरिफ लगाने का बात कही थी, वह सब धराशायी दिखाई दे रही है। अमेरिकी टैरिफ से बेखबर चीन की इकनॉमी रफ्तार पकड़ रही है। यह सब हुआ है चीन की कंपनियों की बदौलत।
चीन की कुछ कंपनियों ने दुनिया में झंडे गाड़ दिए हैं। विदेशी निवेशक (FII) चीन की ओर खिंचे चले जा रहे हैं। हालांकि इस सब में भारत प्रभावित हुआ है।विदेशी निवेशकों ने इस हफ्ते चीनी शेयर बाजार में खूब पैसा लगाया है। ये निवेश करीब 1.2 अरब डॉलर का है। अक्टूबर 2024 के बाद ये सबसे बड़ी साप्ताहिक निवेश है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बड़ी कंपनी BYD और चीन की AI कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल आया है। इससे चीन के बाजार में फिर से तेजी आने की उम्मीद जगी है। दुनिया भर के फंड मैनेजर अब चीन की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं और वहां निवेश बढ़ा रहे हैं।
चीन पर ट्रंप और भी सख्त रुख अपना रहे हैं। उनका कहना है कि चीन का आर्थिक विकास अमेरिकी वर्कर्स को नुकसान पहुंचा रहा है और दुनिया भर के उद्योगों को अस्थिर कर रहा है। ट्रंप के नए टैरिफ चीन के प्रभाव को कम करने के लिए हैं, लेकिन इससे उन देशों की अर्थव्यवस्थाओं में भी दिक्कतें आ रही हैं जो चीन के साथ ट्रेड पर निर्भर हैं।
