भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये दावे ‘अनुचित हैं और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.’ नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा, “नेपाल सरकार स्पष्ट करना चाहती है कि महाकाली नदी के पूर्व में स्थित लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी नेपाल के अभिन्न हिस्से हैं. इन्हें नेपाल के नक्शे में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है और यह बात संविधान में भी दर्ज है.”
भारत हमेशा कहता आया है कि लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा उसके क्षेत्र में आते हैं. लेकिन नेपाल में ये एक बेहद संवदेनशील मुद्दा है. साल 2020 में इसी मुद्दे पर नेपाल में हिंसक प्रदर्शन हुए थे. मंगलवार को नई दिल्ली में भारत और चीन के बीच हुई व्यापक बातचीत के बाद जारी संयुक्त दस्तावेज़ में लिपुलेख के रास्ते व्यापार पर सहमति दर्ज की गई थी.
