जालंधर, शहर में आए दिन हादसे होते हैं। अधिक से अधिक आवार पशु के कारण सडक़ हादसे होते हैं। वहीं सरकार दावे बहुत करती है कि
रोड़ अवारा पशु दिखाई नहीं देंगे। मगर अकसर ही ज्यादातर भीड़ वाले इलाके में अवारा पशु देखा जा सकता है।् प्रशासन दावा बहुत करते हैं। परन्तु कार्य जीरो के बराबर है। मिली जानकारी मुताबक अवारा पशु अकसर माडल हाऊस में कूड़े के ढेर में मुंह मारते हुए नजर आते हैं।
