मुंबई, Swiggy के शेयरों में 6% की गिरावट आई है. इस गिरावट के बाद यह अपने IPO प्राइस से भी नीचे चला गया है. स्विगी का आईपीओ लिस्टिंग के दिन 420 रुपये पर खुला था, जबकि आज इसका भाव 380 रुपये तक गिर चुका है. यह इसके आईपीओ के ऊपरी बैंड के प्राइस लिमिट से भी कम है. सोमवार के ट्रेड में Swiggy के शेयरों में 6% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पांच दिनों की लगातार गिरावट से यह 22 फीसदी टूट चुका है. विश्लेषकों का मानना है कि Swiggy के क्विक कॉमर्स बिजनेस में नुकसान के अनुमान बढ़ रहे हैं, क्योंकि स्विगी के इंस्टामार्ट और जोमैटो के ब्लिंकइट के बीच एग्जीक्यूशन गैप बढ़ता जा रहा है.
तीसरी तिमाही के परिणामों में, कंपनी का EBITDA नुकसान उम्मीद से अधिक रहा, और शुद्ध नुकसान बढ़कर 799 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि, रेवेन्यू में वर्ष-दर-वर्ष (YoY) 31% की वृद्धि हुई. वर्तमान में, स्टॉक अपने IPO मूल्य ₹390 से नीचे ट्रेड कर रहा है. 2025 में अब तक Swiggy का बाजार पूंजीकरण 40,253 करोड़ रुपये कम हो गया है, और अपने ऑल टाइम हाई से 57,816 करोड़ रुपये की हानि हुई है. बता दें कि शेयर ने 23 दिसंबर 2024 को 617.30 रुपये का हाई बनाया था.
HDFC ने नोट किया कि Swiggy का क्विक कॉमर्स प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा, और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण ग्राहक प्रोत्साहन, अधिग्रहण लागत, और डार्क स्टोर नेटवर्क में निवेश बढ़ा रहा. ब्रोकरेज ने FY26 के लिए समायोजित EBITDA नुकसान के अनुमान को ₹1,580 करोड़ और FY27 के लिए ₹1,230 करोड़ तक संशोधित किया है, जो पहले क्रमशः ₹1,440 करोड़ (FY26) और ₹1,030 करोड़ (FY27) थे.
