Business Khas

You are currently viewing हिंडनबर्ग के बंद होने के फैसले का असर अडानी ग्रुप के शेयर पर पड़ता

हिंडनबर्ग के बंद होने के फैसले का असर अडानी ग्रुप के शेयर पर पड़ता

2 साल पहले इसी महीने में हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट आने से गौतम अडानी को 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था. आज भी हिंडनबर्ग की एक खबर से अडानी के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है. दरअसल, शॉर्ट-सेलर फर्म हिंडनबर्ग के बंद होने के फैसले का असर आज अडानी ग्रुप के शेयर पर पड़ता दिख रहा है. आज अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी पावर, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, अडानी टोटल गैस, अडानी विल्मर, अंबुजा सीमेंट, एसीसी और एनडीटीवी सभी शेयर हरे निशान में कारोबार का रहे हैं.

शेयर मार्केट में गुरुवार को बड़े गैपअप के बाद कारोबार की तेज शुरुआत हुई और ओपनिंग बेल के साथ ही निफ्टी 164 अंकों की बढ़त के साथ 23377 के लेवल पर खुला, जबकि सेंसेक्स 595 अंकों की बढ़त के साथ 77319 के लेवल पर खुला. बाजार में फ़िलहाल तेजी जारी है. वहीं फोकस में आज अडानी के ग्रुप के शेयर्स हैं.

गौतम अडानी की कंपनियों के शेयरों में तेजी के पीछे शार्ट सेलेर फर्म हिंडनबर्ग के बंद होने को कारण माना जा रहा है. ये वही कंपनी है जिसकी वजह से अडानी को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा था और इससे उबरने में कंपनी को काफी समय लगा था. हिंडनबर्ग ने 24 जनवरी 2023 में अडानी ग्रुप के खिलाफ पेश की गई रिपोर्टमें कहा था कि अडानी समूह ऑफशोर टैक्स हेवन का गलत तरीके से इस्तेमाल करके मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन अडानी ग्रुप ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था.