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मानव शरीर में ही हैं आनंद और शांति के स्रोत-नवजीत भारद्वाज

जालंधर, मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में श्री शनिदेव महाराज जी के निमित्त सप्ताहिक सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।

सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान राकेश कुमार शर्मा से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।

सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज जी ने दिव्य हवन यज्ञ पर उपस्थित मां भक्तों को जीवन में आनंद और शांति का मार्ग पर कैसे चलने की ब्याख्या करते हुए कहा कि जीवन का लक्ष्य तय किए बिना शांति और आनंद नहीं मिल सकता। शांति बाहर से नहीं, भीतर से ही प्राप्त की जा सकती है। आनंद और शांति का स्रोत हमारे भीतर मौजूद है और हम उसे धन दौलत में ढूंढ रहे हैं। आनंद और शांति की खोज में दर-दर भटकने को अज्ञानता बताते हुए नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि दुनियावी जीवन व्यतीत करने वाले हर प्राणी की अपनी-अपनी समस्याएं हैं। किसी के लिए नौकरी की समस्या है, तो किसी की व्यापार-धंधे की। किसी के लिए परीक्षा में पास होना समस्या है तो किसी बाप के लिए बेटी की शादी समस्या बनी हुई है। कहीं पति-पत्नी में तनाव के चलते अशांति का माहौल बना हुआ है।

आनंद और शांति की खोज में भटकते मानव की स्थिति उस मृग की तरह है जो कि नाभि में कस्तूरी होने के बावजूद उसे जंगल में ढूंढता फिरता है। ठीक उसी प्रकार मानव के भीतर शांति और आनंद के स्रोत मौजूद हैं। आनंद कहीं बाहर से नहीं आता, आनंद भीतर से ही उमगता है। आनंद इतनी बड़ी घटना है, जब घटता है और उसे कहने का कोई उपाय नहीं मिलता, तो उस अवस्था में उत्सव पैदा होता है। जो नहीं कहा जा सकता वाणी से, तो कोई नाचकर कहता है; कोई गाकर कहता है।

नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि मगर मनुष्य आनंद और शांति को धन दौलत में ढूंढ कर अपने मूल उद्देश्य प्रभु भक्ति से दूर होकर अशांति से भरा जीवन व्यतीत कर रहा है। इससे पहले नवजीत भारद्वाज जी ने च्च्आनन्द स्रोत बह रहा पर तू उदास है अचरज ये जल में रह के भी मछली को प्यास हैज्ज् भजन प्रस्तुत कर मां भक्तों को भाव विभोर किया।

इस अवसर पर मनी कुमार, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर ,सरोज बाला, समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, जानू थापर,दिनेश चौधरी,नरेश,कोमल,वेद प्रकाश, मुनीष मैहरा, जगदीश डोगरा, उदय ,अजीत कुमार , नरेंद्र ,रोहित भाटिया,बावा जोशी,राकेश शर्मा, नवीन , प्रदीप, सुधीर, सुमीत, दानिश, रितु, कुमार,गौरी केतन शर्मा,सौरभ ,शंकर, संदीप,रिंकू,प्रदीप वर्मा, गोरव गोयल, मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , कमल नैयर भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।हवन-यज्ञ उपरांत लंगर भंडारे का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।