चीन, चीन तकनीकी दुनिया में बेहद आगे है और अमेरिका-जापान जैसे देशों के साथ मुकाबला कर रहा है. इसी कड़ी में चीनी स्टार्टअप ‘न्यूरोएक्सेस’ ने गुरुवार को अपने दो सफल परीक्षणों का ऐलान किया है. कंपनी के ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) डिवाइस ने रियल टाइम में ये समझा कि मरीज क्या सोच रहा है और दूसरे परीक्षण में चीनी भाषा को रियल टाइम में डिकोड किया. Xinhua की रिपोर्ट के मुताबिक BCI तकनीक के जरिए मरीज़ अब सिर्फ अपने दिमाग से सॉफ़्टवेयर को कंट्रोल कर सकते हैं, वस्तुओं को हिला सकते हैं, AI मॉडल्स के साथ बातचीत कर सकते हैं और बोलते हुए डिजिटल अवतार को कंट्रोल कर सकते हैं.
अगस्त 2024 में शंघाई की फुडान यूनिवर्सिटी से जुड़े हुआशान हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जन्स ने 21 वर्षीय महिला मरीज़ (जिसे मिर्गी थी) के दिमाग में 256-चैनल का लचीला BCI डिवाइस इंस्टाल किया. यह डिवाइस मरीज़ के दिमाग के मोटर एरिया में मौजूद ट्यूमर को ठीक करने के लिए लगाया गया था. न्यूरोएक्सेस के मुताबिक उनकी टीम ने मरीज़ के दिमाग से हाई-गामा बैंड के इलेक्ट्रोकोर्टिकोग्राम (ECoG) सिग्नल्स निकाले और इन्हें समझने के लिए एक न्यूरल नेटवर्क मॉडल तैयार किया. इस तकनीक ने 60 मिलीसेकंड से कम समय में सटीक नतीजे दिए और ऑपरेशन के कुछ ही मिनटों में दिमाग के कार्यात्मक क्षेत्रों का नक्शा तैयार कर लिया.
