पीएम मोदी की रूस और यूक्रेन यात्रा के बाद अब देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल रूस जाएंगे. वह मॉस्को में 10 और 11 सितम्बर को होनी वाली ब्रिक्स समिट की बैठक में हिस्सा लेंगे. चर्चा है कि इस बैठक का फोकस रूस और यूक्रेन में चल रही जंग को खत्म करने पर होगा. दोनों देशों के बीच एक बार फिर से शांति वार्ता कराने की कोशिश की जा सकती है. इसकी मुख्य समिट अक्टूबर में होनी है. ऐसे में रूस और यूक्रेन के तनाव के बीच अजीत डोभाल का दौरा चर्चा मेंं है.
ब्रिक्स दुनिया के पांच देशों का समूह है, जिन्हें उभरती हुई अर्थव्यवस्था के तौर पर जाना जाता है. B R I C S का मतलब है ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ्रीका. जानिए, ब्रिक्स किन मुद्दों पर बैठक करते हैं और अब डोभाल के दौरे की चर्चा दुनियाभर में क्यों हो रही है?
साल 2006 में पहली बार रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में जी-8 समूह के शिखर सम्मेलन के साथ ही ब्राजील, रूस, भारत और चीन यानी ब्रिक के नेताओं ने पहली बार मुलाक़ात की थी. सितम्बर 2006 में इन देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुई तो इसे ब्रिक नाम दिया गया. पहले इसका नाम ब्रिक था, लेकिन बाद में सााउथ कोरिया का S जुड़ने के बाद यह BRICS हो गया. ब्रिक देशों का पहला शिखर सम्मेलन 16 जून 2009 को रूस के येकाटेरिंगबर्ग में हुआ.
