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‘संकटमोचक’ नेता BJP में शामिल, एक की कंपनी पर चुनाव से पहले पड़ी थी ED की रेड

rajasthan politics लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) से पहले राजस्थान कांग्रेस के कई नेता रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। इनमें सियासी संकट के समय पूर्व सीएम अशोक गहलोत का साथ देने वाले लालचंद कटारिया, राजेन्द्र सिंह यादव और आलोक बेनीवाल का नाम भी शामिल हैं। लालचंद कटारिया एक वरिष्ठ जाट नेता हैं और अशोक गहलोत सरकार में कृषि और पशुपालन मंत्री रह चुके हैं। कटारिया पूर्व में जयपुर ग्रामीण सीट से सांसद रहते हुए यूपीए-2 में मंत्री रहे चुके हैं। उनके पिता स्व. रामप्रताप कटारिया आमेर सीट से विधायक रहे चुके हैं। गहलोत के करीबी माने जोन वाले लालचंद कटारिया का निर्वाचन क्षेत्र झोटवाड़ा विधानसभा था, लेकिन इस बार उनके क्षेत्र में काफी विरोध रहा। उसको देखते हुए उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया और यह तर्क दिया कि वह राजनीति की जगह आध्यात्म की ओर ध्यान देंगे। राजस्थान के पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं कोटपूतली से लगातार दो बार विधायक रह चुके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र सिंह यादव ने 2008 में कांग्रेस के टिकट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। इसके बाद 2013 में कांग्रेस के टिकट पर जीतकर पहली बार विधायक बने। इसके बाद 2018 के चुनाव में भी कांग्रेस के टिकट पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की और गहलोत सरकार में गृह राज्यमंत्री बने। गहलोत खेमे के माने वाले वाले यादव ने गहलोत सरकार पर आए संकट में भी मजबूती से गहलोत के साथ डटे रहे। गहलोत सरकार में अच्छी पकड़ होने के चलते प्रदेश में नए जिलों के गठन में कोटपूतली को जिला घोषित करवाया गया।