नई दिल्ली, पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में से दो में भाजपा फिर से वापसी कर रही है। रुझानों में नागालैंड और त्रिपुरा में भाजपा गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। तीन राज्यों के चुनावी नतीजों से साफ हो गया है कि पीएम मोदी का वर्तमान समय में कोई तोड़ नहीं है। सिर्फ हिंदी बेल्ट वाले राज्यों में ही नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर जैसे देश के हिस्से में भी पीएम मोदी के दम पर भाजपा और उसके गठबंधन की सरकार बन रही है। शाम चार बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, त्रिपुरा में भाजपा गठबंधन 32 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि नागालैंड में गठबंधन को 37 सीटों पर बढ़त हासिल है। भाजपा की जीत के पीछे कई फैक्टर्स माने जा रहे हैं। कुछ सालों पहले तक माना जाता था कि भाजपा सिर्फ हिंदुत्व फैक्टर के सहारे ही चुनावी जीत हासिल कर सकती है, लेकिन पूर्वोत्तर के नतीजों और पिछले कुछ समय में अन्य राज्यों में आए परिणामों को देखकर स्पष्ट हो गया है कि कई और भी वजहें हैं, जिससे लोगों को पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी पर काफी भरोसा है।
पीएम मोदी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) पर पिछले नौ सालों में काफी फोकस किया है। तमाम सब्सिडी का पैसा सीधे जनता के बैंक अकाउंट में भेजे जाने की वजह से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हो गई है और जनता का भी अकाउंट में सरकार से पैसे मिलने की वजह से विश्वास और बढ़ा है। काफी समय से मोदी सरकार गरीबों को मुफ्त में राशन मुहैया करवा रही है। चावल, गेंहू आदि जैसे जरूरी खाद्यानों को देकर सरकार ने 80 करोड़ जनता में से काफी बड़ी संख्या में लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश की है। कोविड महामारी के बाद से ही 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को फ्री में राशन मुहैया करवाया जा रहा है, जिसे हाल में एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया। इसके अलावा, किसानों के लिए चलाई जा रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत भी हर साल करोड़ों अन्नदाताओं को छह हजार रुपये की राशि दी जाती है। चुनावी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन योजनाओं ने जनता का भरोसा जीतने में सफलता हासिल की है और चुनाव-दर-चुनाव भाजपा को मिल रही जीत इसकी तस्दीक भी करता है।
