जालंधर, डिप्टी कमिश्नर डा.हिमांशु अग्रवाल ने डी.ए.पी.खाद की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखने के निर्देश देते हुए कहा कि डी.ए.पी. खाद की कालाबाजारी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
डा.अग्रवाल ने कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद विक्रेताओं की लगातार जांच करने के निर्देश दिए और कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी खाद विक्रेता खाद का भंडारण न कर सके ताकि किसानों को डी.ए.पी खाद की कोई समस्या न हो।उन्होंने कहा कि जिले में किसानों को डी.ए.पी. खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि कोई भी निजी खाद विक्रेता एवं सहकारी समितियां किसानों को डी.ए.पी. के साथ किसी अन्य सामग्री की खरीद के लिए बाध्य नहीं करेंगे तथा निर्धारित मूल्य से अधिक रेट नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कोई खाद विक्रेता किसानों से उर्वरक की निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके है। डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से अपील की है कि यदि कोई खाद विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत मांगता है तो इसकी शिकायत कृषि विभाग या प्रशासन से करें।
डिप्टी कमिश्नर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों के लिए डी.ए.पी. के वैकल्पिक स्रोत एन.पी. के. 12:32:16, 20:20:0:13, 15:15:15, 16:16:16 तथा सुपर फास्फेट (सिंगल), ट्रिपल फास्फेट आदि के उपयोग के बारे में जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
