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भगवान से जुडक़र भक्त भी मूल्यवान हो जाता- नवजीत भारद्वाज

जालंधर, मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में मासिक अलौकिक हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।

सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमानों से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध मां बगलामुखी धाम के मुख्य प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज जी ने अलौकिक हवन यज्ञ पर उपस्थित मां भक्तों को संत रविदास जी के प्रसिद्ध दोहे से सराबोर करते हुए कहा किन वजीत भारद्वाज जी दोहे का अर्थ समझाते हुए कहते है कि यह संत रविदास जी की प्रेरक पंक्तियाँ हैं, जिनमें वे भगवान के प्रति अपनी गहरी भक्ति और अनूठे संबंध को दर्शाते हैं। वे कहते हैं कि भगवान मोती हैं और वे स्वयं धागे के समान हैं, जिन्हें पिरोकर एक माला बनाई जाती है। इस तरह, वे भगवान से जुडक़र स्वयं को भी मूल्यवान मानते हैं।

नवजीत भारद्वाज जी मां भक्तों को दोहे को ओर सरलता से समझाते हुए कहते है कि संत रविदास महाराज जी यह भी कहते हैं कि उनका भगवान से संबंध सोने और सुहागे जैसा है; जैसे सुहागा सोने को और शुद्ध और चमकदार बनाता है, उसी प्रकार भगवान के संपर्क में आकर भक्त भी निखर जाता है। वे कहते हैं कि वे अपने ईश्वर के दास हैं और रैदास जैसी भक्ति करना चाहते हैं।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि इस दोहे से हमें यह शिक्षा मिलती है कि भगवान को अनमोल मोती के समान बताया गया है और स्वयं को उस धागे के समान, जो मोतियों को पिरोकर एक माला का रूप देता है।
यह तुलना इस बात पर जोर देती है कि भक्त और भगवान का संबंध इतना गहरा और शुद्ध सोने और सुहागे जैसा होना चाहिए। सुहागा सोने को और अधिक खरा बनाता है, उसी तरह भगवान के मिलन से भक्त की पवित्रता और मूल्य बढ़ जाता है।
नवजीत भारद्वाज जी ने व्याख्या में अंत में बताया कि इस दोहे में संत रविदास महाराज जी ईश्वर को अपना स्वामी और स्वयं को उनका दास स्वीकार करते हैं। वे ईश्वर से ऐसी भक्ति की कामना करते हैं, जो एक निष्ठावान स्वामी-दास के संबंध की तरह हो।

इस अवसर पर श्री कंठ जज, श्वेता भारद्वाज, निर्मल शर्मा, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर ,सरोज बाला, समीर कपूर, मोनिका कपूर,विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, मयंक कपूर,प्रदीप , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू, गुलशन शर्मा,संजीव शर्मा, रोहित भाटिया,मुकेश, रजेश महाजन ,अमनदीप शर्मा, निर्मल,अनिल,सागर,दीपक,दसोंधा सिंह, प्रिंस कुमार, पप्पू ठाकुर, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार, नरेश,दिक्षित, अनिल, कमल नैयर, अजय सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।हवन यज्ञ उपरांत विशाल लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।