जालंधर, अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट मेजर डा.अमित महाजन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला जालंधर (ग्रामीण) की सीमा के भीतर पतंग/गुड़िया उड़ाने के लिए सिंथेटिक/प्लास्टिक से बनी चाइना डोर को बेचने, स्टोर करने और उपयोग करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश 19 फरवरी 2025 तक लागू रहेगा।
चाइना डोर के नुकसान
यह डोर बहुत मजबूत होती है और बड़ी मुश्किल से इसे तोड़ा जाता है, जिसमें हाथों को चोट लगने और हाथ काटने का डर हमेशा बना रहता है और कई बार कई लोगों की उंगलियां भी पतंग उड़ते समय इस डोर के इस्तेमाल से कट चुकी हैं. इसके अलावा यह आकाश में उड़ रहे पक्षियों के लिए भी काल बन जाती है, क्योंकि इसमें कई तरह के शीशे लगे होते हैं जो डोर को मजबूत बनाते हैं और उससे पक्षियों की गर्दन और पंख कटने का खतरा बना रहता है. कई बार बाइक सवार लोग भी इस डोर के संपर्क में आ जाते हैं और चेहरे पर चोट होने का खतरा और चेहरे के कटने की आशंका भी बहुत ज्यादा होती है.
