लोक आस्था का महापर्व भृगु नगरी में आकर्षण का केंद्र बना रहा. पुरुषों में उत्साह और महिलाओं में छठी मैया को लेकर भक्ति और शक्ति की अद्भुत बयार देखी गई. अब आज केवल सूर्य के दर्शन का इंतजार था. हर व्रती महिला पारंपरिक गीत गाते हुए आसमान में सूर्य का इंतजार कर रही थी. यह चार दिन का कठिन व्रत आज महिलाओं का पूरा हुआ. उगते हुए सूर्य को अर्घ देकर महिलाओं ने अपनी-अपनी मनोकामनाएं रखी. इस बीच छठ भक्ति में बलिया डूब चुका था. यह भृगु नगरी के शहर में सबसे बड़े आयोजन के साथ रामलीला मैदान में शहर वासी छठ पूजन किए, जिसकी भव्यता देखते ही बन रही थी
बलिया शहर निवासी छठ व्रत महिला रेनू केसरी ने बताया कि, यह छठी मैया का व्रत बड़े साफ-सफाई के साथ किया जाता है. आज उगते सूर्य का इंतजार है, उसके बाद यह व्रत संपन्न होगा. सरिता केसरवानी ने कहा कि, वह 36 साल से छठ मैया का व्रत कर रही है. उन्होंने कहा कि छठी मैया ने सब कुछ दिया है. दो बेटे, दो बहुएं, बड़ी बहू का एक बेटा और एक बेटी व छोटी बहू की एक बेटी के साथ पूरा परिवार खुशहाल है. छठी मैया के प्रति बहुत आस्था है. छठी मैया के व्रत में सबसे कठिन दौर कल का था, जिसमें जल भी नहीं पीना होता है.
