महिपाल सिंह ने पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उनकी ड्यूटी पुलिस चौकी के काउंटिंग सेंटर पर थी. यहाँ राम मंदिर के चढ़ावे में मिले कैश की गिनती होती थी.
महिपाल सिंह ने अभिषेक उपाध्याय से बातचीत में कहा था, ”रत्नेश चतुर्वेदी और गगनदीप नाम के दो बैंक अधिकारी आया करते थे. 14 लड़के नोटों को अलग-अलग करते थे और मैं उसका प्रभारी था. मेरे सामने ही काउंटिंग होती. लेकिन वे लड़के रोज़ ज़्यादा नोट पैक करके ले जाते थे और पर्चे पर कम भरते थे. मुझे शुरू में पता नहीं चल पाया था. लेकिन बाद में पता चल गया कि ये वाउचर पर नोटों की गड्डियों की संख्या कम भरते हैं और ले ज़्यादा जाते हैं.”
महिपाल सिंह ने कहा, ”एक दिन मुझे शक हुआ तो मैंने बॉक्स खुलवाया. ये पाँच लाख रुपए ज़्यादा ले जा रहे थे. इसकी जानकारी मैंने गोपाल राव और चंपत राय भाई जी को दे दी थी. ये बात दिसंबर 2021 की है. लेकिन मेरी शिकायत का असर ये हुआ कि अनिल मिश्रा (ट्रस्टी) जी ने मेरी जगह पर एक और व्यक्ति को लगा दिया. फिर मैंने वहाँ जाना बंद कर दिया.”
