सांपों की दुनिया हमेशा से ही रहस्यमयी और रोचक रही है. फिल्मों और पंचतंत्र की कहानियों में अक्सर पंचमुखी सर्प का जिक्र होता है, जिसे सांपों के राजा के रूप में दिखाया जाता है. बच्चों के कार्टून में भी पंचमुखी सांप का जिक्र होता है, जिसमें एक सांप के पांच सिर होते हैं और इसे सबसे विषैला माना जाता है, लेकिन सांपों के विशेषज्ञ इस पर अलग राय रखते हैं.
हजारीबाग के पर्यावरणविद और सर्प शोधार्थी मुरारी सिंह बताते हैं कि सांपों को लेकर इंसानों में हमेशा से डर रहा है. लोग सांपों के बारे में जानने की कोशिश करते हैं, लेकिन कम जानकारी के कारण कई बार हम सांपों से जुड़ी कहानियों को सच मान लेते हैं.
मुरारी सिंह बताते हैं कि पंचमुखी सांप के बारे में विज्ञान न तो इसे पूरी तरह मानता है और न ही नकारता है. विज्ञान उन्हीं चीजों को मानता है जो उसने देखा है, और अब तक कहीं भी पंचमुखी सांप नहीं देखा गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह असंभव है. हो सकता है कि पंचमुखी सांप कहीं हो, लेकिन अभी तक हमारी नजरों से दूर हो.
उन्होंने यह भी बताया कि दो मुंह वाले सांप देखे गए हैं, लेकिन यह एक बायोलॉजिकल डिसऑर्डर है. जैसे इंसानों में कभी-कभी चार हाथ या पैर जन्म के साथ आ जाते हैं, वैसे ही यह भी एक असामान्य स्थिति हो सकती है. यह सांपों के बारे में बनी कहानियों का प्रतीक भी हो सकता है, जैसे रावण के दस सिर का प्रतीकात्मक अर्थ होता है.
