हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने नूंह हिंसा के बाद बुलडोजर एक्शन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ओवैसी ने कहा कि जो लाचार और बेसहारा हैं उनके घर गिराए जा रहे हैं, जबकि घटना के असली आरोपी खुलेआम बंदूक लिए घूम रहे हैं। ओवैसी का साफ तौर पर कहना था कि इल्जाम की आड़ में वहां पर गरीब मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। इस दौरान ओवैसी ने बुलडोजर एक्शन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से इसको लेकर कानूनी प्रक्रिया बताई गई थी, लेकिन इसका पालन नहीं होता दिख रहा है।
मेवात के नूंह में फैली हिंसा के खिलाफ इंदिरापुरम में कुछ स्थानीय निवासी और व्यापारी संगठन विरोध प्रदर्शन किया। काला पत्थर रोड से शुरू होकर श्री राम चौक होते हुए मंगल बाजार तक पैदल मार्च निकाला। इंदिरापुरम व्यापार मंडल के मीडिया प्रभारी किशोर ठाकुर ने बताया कि इस प्रदर्शन में स्थानीय लोग और व्यापारी भी शामिल हुए।
तिगरा गांव में महापंचायत
गुरुग्राम के सेक्टर 57 में धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ और फायरिंग मामले को लेकर रविवार को तिगरा गांव में महापंचायत हुई। इसमें 12 से अधिक गांव के सैकड़ों लोग पहुंचे। इस दौरान महापंचायत ने अरेस्ट किए युवकों को रिहा करने की मांग की।
12:55 PM, Aug 06 2023
विधायक मामन खान की सुरक्षा घटाई
31 जुलाई को शोभायात्रा के दौरान नूंह में हुई हिंसा के दो दिन बाद फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान की सुरक्षा वापस ले ली गई। कांग्रेस विधायक का दावा है कि अब उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। सुरक्षा की मांग को लेकर विधायक ने शनिवार को ही तीन अधिकारियों को पत्र लिखा है। विधायक मामन खान ने बताया कि तीन अगस्त को उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी। उन्होंने सुरक्षा वापस मुहैया कराने की मांग को लेकर डीजीपी हरियाणा, सीआईडी प्रमुख और पुलिस कमिश्नर गुरुग्राम को तीन अगस्त को व्हाट्सएप के माध्यम से सुरक्षा की मांग की है, लेकिन अभी तक सुरक्षा नही मिली है। जबकि लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
नूंह हिंसा को लेकर ‘आप’ के हरियाणा संयोजक पर हत्या का केस
हरियाणा में आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक अहमद जावेद के खिलाफ नूंह हिंसा मामले में हत्या का मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर के मुताबिक, 31 जुलाई को सोहाना में हुई हिंसा के दौरान जावेद ने भीड़ को बजरंग दल नेता प्रदीप कुमार की हत्या के लिए उकसाया था। प्रत्यक्षदर्शी पवन कुमार, एक अन्य बजरंग दल कार्यकर्ता, जो हमले के समय प्रदीप कुमार के साथ थे, ने पुलिस को बताया कि जावेद ने लोगों के एक समूह के साथ उनके वाहन को रोका और उनसे प्रदीप पर हमला करने के लिए कहा, जो नलहर मंदिर से पुलिस द्वारा बचाए जाने के बाद घर जा रहे थे।
