यूपीएस (UPS) यानी यूनिफाइड पेंशन स्कीम में अप्लाई करने की आखिरी तारीख को 30 जून से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है. ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों के पास यूपीएस में अप्लाई करने के लिए अब तीन महीने का समय है. यूपीएस को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल से लागू किया गया है.
अभी तक सभी कर्मचारियों का कॉन्ट्रीब्यूशन नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में हो रहा है. NPS एक मार्केट पर आधारित स्कीम है, वहीं UPS गारंटीड पेंशन देने वाली स्कीम है. दोनों में से किसी एक स्कीम के चुनाव का फैसला उनके रिटायरमेंट के बाद की लाइफ पर सीधेतौर पर असर डालेगा. ऐसे में कर्मचारियों के दिमाग में ये कन्फ्यूजन बना हुआ है कि उन्हें कौन सी स्कीम को चुनना चाहिए? क्या एनपीएस में ही बने रहना चाहिए या यूपीएस में स्विच कर लेना चाहिए? यहां जानिए दोनों स्कीम्स के नफा-नुकसान, ताकि आप भविष्य के लिए सही डिसीजन ले सकें.
