Business Khas

Latest news
ਸਿੱਖਾਂ ਤੋਂ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਵੱਲੋ ਬਖਸ਼ੇ ਰਵਾਇਤੀ ਸ਼ਸਤਰਾਂ ਨੂੰ ਖੋਇਆ ਰੌਇਲ ਚੈਲੰਜਰਜ਼ ਬੈਂਗਲੁਰੂ (RCB) ਨੇ ਕ੍ਰਿਕਟ ਜਗਤ ਵਿੱਚ ਉਹ ਕਾਰਨਾਮਾ ਕਰ ਦਿਖਾਇਆ ਸ਼ਹੀਦ ਬਾਬਾ ਖੁਸ਼ਹਾਲ ਸਿੰਘ ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੰਡਰੀ ਸਕੂਲ ਲਾਂਬੜਾ ਵਿਖੇ ਕਰਵਾਏ ਗਏ ਸ਼ਬਦ ਗਾਇਨ ਮੁਕਾਬਲੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿਚ ਗਰਮੀ ਦੀਆਂ ਛੁੱਟੀਆਂ ਦਾ ਹੋਇਆ ਐਲਾਨ ਅਗਲੇ 3 ਘੰਟਿਆਂ 'ਚ ਤੂਫਾਨ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਹਾਈ ਅਲਰਟ... ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਚੋਣਾਂ ਦੀ ਤਸਵੀਰ ਨੇ ਰਾਜ ਦੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਦ੍ਰਿਸ਼ ਨੂੰ ਸਪੱਸ਼ਟ ਐਨਕਾਂ ਜਾਂ ਸਮਾਨ ਉੱਚ-ਤਕਨੀਕੀ ਐਨਕਾਂ ਜਮ੍ਹਾਂ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ दिल्ली के हौज खास में AC ब्लास्ट से भीषण आग, रिटायर्ड IAS अधिकारी की मौत ਸੁਸ਼ੀਲ ਰਿੰਕੂ ਨੇ ਕੇਵਲ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ ਨੂੰ ਭਾਜਪਾ ਪੰਜਾਬ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਨਿਯੁਕਤ ਹੋਣ 'ਤੇ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ पांचवां समर कैंप 1 जून से 30 जून तक आयोजित
You are currently viewing शंभू रेलवे स्टेशन पर भी किसान डटे

शंभू रेलवे स्टेशन पर भी किसान डटे

पटियाला, शंभू और खनूरी बॉर्डर पर किसानों का संघर्ष चरम पर है और शंभू रेलवे स्टेशन पर भी किसान डटे हुए हैं। गौरतलब है कि किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके 7 मई को हरियाणा में ‘किसान यात्रा’ शुरू करने का ऐलान किया था। किसानों ने कहा कि इस यात्रा के दौरान वे हरियाणा के सभी गांवों में जाएंगे और मोदी सरकार की आलोचना करेंगे। इस मौके पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर, काका सिंह कोटड़ा, मंजीत सिंह राय, अमरजीत सिंह मोहड़ी, अभिमन्यु कोहाड़, सुखजीत सिंह, गुरिंदर भंगू, मंजीत घुमाणा, हरिकेश कबरछा आदि ने कहा कि 22 मई को मार्चे के 100 दिन पूरे होने पर 22 लाख किसान शंभू, खनौरी, डब्बवाली, रतनपुरा मोर्चे पर जुटेंगे और मोर्चा मजबूत करेंगे।

7 मई से हरियाणा में किसान यात्रा शुरू की जाएगी, जो हरियाणा के सैकड़ों गांवों का दौरा करेगी और पिछले 10 वर्षों में भाजपा सरकार द्वारा किसानों, मजदूरों और युवाओं पर किए गए जुल्म और अत्याचार को लोगों के सामने लाया जाएगा। इसके अलावा 19 मई को कैथल में हरियाणा की राज्य स्तरीय रैली होगी, जिसमें हजारों किसान भाग लेंगे।

इस सम्मेलन में जेल में बंद किसान नेता अनीश खटकर के पिता अमरजीत खटकर, नवदीप सिंह के पिता जयसिंह जलबेरा, गुरकीरत सिंह के पिता जसबीर सिंह ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उनका बेटा करोड़ों किसानों के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए जेल जा चुका है और भविष्य में दोनों मोर्चों द्वारा लिए जाने वाले फैसलों में वह उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए 3 किसानों के साथ पुलिस ने ऐसा व्यवहार किया, जो किसी भी लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। इसलिए यह संघर्ष और तेज किया जाएगा।