अमेरिका, अक्सर लोगों का सपना होता है कि वह अधिक से अधिक विदेश यात्रा करे अथवा विदेश में बस जाए. कुछ लोग विदेश में जाकर स्थाई रूप से निवास करने लगते हैं लेकिन कुछ की किस्मत साथ नहीं देती है और वह किसी न किसी कारणवश वापस आ जाते हैं. अभी हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक आदेश से अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे अनेकों भारतीयों को वहां से भारत भेजा जा रहा है
. वहां से उन्हें भारत वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अमेरिका का मानना है कि यह लोग अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं. जानते हैं ज्योतिष के आधार पर ऐसे कौन से योग होते हैं, जिनमें दूसरे देशों में रहने और वापस आने के योग बनते हैं.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी जातक की कुंडली में अष्टम भाव नवम भाव 12 भाव और सप्तम भाव और 12 भाव विदेश यात्रा से संबंधित होते हैं. जन्म कुंडली के तीसरे भाव से भी जीवन में होने वाली यात्राओं के बारे में बताया जा सकता है. कुंडली में अष्टम भाव से हम समुद्री यात्रा को देखते हैं तथा सप्तम और नवम भाव से लंबी दूरी की विदेश यात्राओं या विदेश में व्यापार आदि का योग देखते हैं.
यदि जन्म कुंडली में बारहवे भाव का स्वामी चतुर्थ भाव में बैठ जाता है तो ऐसे जातक का विदेश में मन नहीं लगता और वह स्वयं वापस आ जाता है. जिन जातकों की जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर स्थिति में होता है तो वह व्यक्ति घर वापस आ जाता है. जन्म कुंडली में यदि शनि और राहु की स्थिति कमजोर होती है तो जातक तक को विदेश यात्रा में सफलता प्राप्त नहीं होती है.
