नई दिल्ली, सरकार यूपीआई ट्रांजैक्शन पर फीस लगाने की तैयारी में है। संसद ने अगस्त में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पास किया था। इससे एक ऐसा स्ट्रक्चर तैयार हुआ है जो सरकार को बैंकों और पेमेंट प्रोवाइडर्स को MDR लगाने के लिए अधिकृत करने की अनुमति देता है। माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों में इस बारे में नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। हालांकि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि आम यूजर्स और पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर के लिए कोई चार्ज नहीं लगेगा।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन के लिए MDR का जो स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, उसमें बैंकों को सबसे बड़ा हिस्सा मिलेगा। इस स्ट्रक्चर के तहत फीस लगभग 40 बेसिस पॉइंट्स (bps) तय की जाएगी और इसे तीन हिस्सों में बांटा जाएगा।
