जालंधर, पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज जिले की भोगपुर अनाज मंडी में धान की खरीद का जायजा लेते हुए कहा कि पंजाब सरकार द्वारा धान की खरीद के लिए व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं और मंडियों में किसानों को अपनी फसल की बिक्री के लिए कोई मुश्किल पेश नहीं आने दी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि धान की खरीद के लिए पंजाब को पहले ही 42786.68 करोड़ रुपये की सी.सी.एल. लिमिट प्राप्त हो चुकी है और खरीदे गए धान के लिए किसानों को तुरंत एवं निर्बाध भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश को सीजन 2026-27 के दौरान 180 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य मिला है और राज्य सरकार द्वारा किसानों की फसल 2461 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी जाएगी।
उन्होंने बताया कि खरीद कार्यों को निर्बाध ढंग से पूरा करने के लिए 1887 मंडियां अधिसूचित की गई है। इसके अलावा मंडियों में बिजली, पीने के साफ पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं संबंधी डिप्टी कमिश्नर प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में आवश्यक मात्रा में बारदाना उपलब्ध है और खरीदे गए धान की लिफ्टिंग एवं भुगतान साथ-साथ सुनिश्चित किया जाएगा।
श्री कटारूचक्क ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार किसानों की फसल के एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और खरीद सीजन के दौरान किसानों की भलाई राज्य सरकार की हमेशा प्राथमिकता रही है।
उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, पंजाब मंडी बोर्ड तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्बाध खरीद कार्यों के लिए मंडियों में कामकाज की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री ने इस दौरान मंडी में मौजूद किसानों और मजदूरों से बातचीत भी की और खरीद व्यवस्थाओं के बारे में उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त की।
श्री कटारूचक्क ने किसानों से अपील की कि वे मंडियों में धान पूरी तरह सुखाकर लाएं ताकि उनकी फसल की खरीद बिना किसी अनावश्यक देरी के हो सके।
इस मौके पर चेयरमैन पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक पवन कुमार टीनू, विधायक टांडा जसबीर सिंह राजा गिल, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक हरशरनजीत सिंह बराड़, जिला मंडी अधिकारी अरविंदर सिंह, ए.एफ.एस.ओ. गुरविंदर सिंह, जिला परिषद सदस्य जस दयाल सिंह, अमरीक सिंह सैनी, परमजीत पम्मा आदि भी मौजूद थे।
