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जब एक्टर भांजे का डामाडोल हुआ करियर, सुनाई खूब खरी-खोटी

बॉलीवुड के ‘हीरो नंबर 1’ गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा की जोड़ी हमेशा से फैंस की पसंदीदा रही है, लेकिन सुनीता अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए भी मशहूर हैं. दोनों छोटी उम्र से एक-दूसरे को जानते हैं. दरअसल, गोविंदा की सगी मामी सुनीता की बड़ी बनह हैं. अगर देखें, तो गोविंदा एक रिश्ते में सुनीता के भांजे लगते हैं. कपल ने साल 1987 में गुपचुप शादी की. दोनों की जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए हैं. हाल में सुनीता ने गोविंदा को लेकर कुछ ऐसी बातें कहीं, जिन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया और मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरीं. सुनीता का सबसे चौंकाने वाला बयान उनके वैवाहिक रिश्ते को लेकर था. एक इंटरव्यू में उन्होंने मजाक करते हुए कहा, ‘अगले जन्म में तू मेरा बेटा बनकर पैदा होना, पति तो तू नहीं चाहिए. सात जन्म की बात तो भूल ही जाओ, ये एक जन्म ही काफी है.’ उनका यह अंदाज दिखाता है कि गोविंदा के साथ रहना किसी एडवेंचर से कम नहीं रहा है.

सुनीता ने गोविंदा के करियर के डूबने की वजह उनके आसपास के लोगों को बताया. उन्होंने कहा कि पिछले 17 सालों से गोविंदा पर्दे पर इसलिए नहीं दिखे क्योंकि उनका सर्कल गलत है. सुनीता के मुताबिक, एक्टर के आसपास सिर्फ ‘वाह-वाह’ करने वाले चापलूस लोग भरे हुए हैं. उन्होंने बेबाकी से कहा कि वह खुद झूठ नहीं बोल सकतीं, इसलिए अक्सर उनकी गोविंदा से बहस सुनीता ने गोविंदा की टीम पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास जो राइटर, सेक्रेटरी और वकील जैसे दोस्त हैं, वे सब ‘फालतू’ हैं. ये लोग सच बोलने के बजाय सिर्फ यह कहते रहते हैं, ‘वाह चीची भैया, क्या कमाल कर दिया!’ सुनीता का मानना है कि जब वह गोविंदा को कड़वा सच बताती हैं, तो वह चिढ़ जाते हैं, जबकि चापलूसों की वजह से उन्हें अपनी गलतियों का अहसास नहीं होता. सुनीता ने अपने बेटे यशवर्धन के करियर को लेकर भी गोविंदा को खरी-खोटी सुनाई.

उन्होंने आरोप लगाया कि गोविंदा ने यश की प्रोफेशनल मदद बिल्कुल नहीं की. यश ने गोविंदा का बेटा होने के बावजूद 90 ऑडिशन दिए और खुद अपनी पहचान बनाई. सुनीता ने गोविंदा के सामने ही कह दिया, ‘तू बाप है कि क्या है? अगर तू अपने बच्चों की मदद नहीं करेगा, तो कौन करेगा? सुनीता ने गोविंदा की तुलना अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान जैसे सितारों से की, जो अपने बच्चों के करियर के लिए जी-जान लगा देते हैं. उन्होंने कहा कि जैकी श्रॉफ और सुनील शेट्टी जैसे एक्टर्स अपने बेटों को पूरा सपोर्ट करते हैं, लेकिन गोविंदा ने यश के लिए कभी किसी को फोन तक नहीं किया. एक मां के तौर पर उनका यह दर्द साफ झलकता है. सुनीता ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वे दोनों पिछले 15 सालों से अलग-अलग घरों में रह रहे हैं,