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खाने की चीजों से अधिक यहां पर खर्च कर रहा इंडिया

खाने पीने यानी फूड आइटम्स से ज्यादा देश के लोग नॉन फूड आइटम्स पर ज्यादा खर्च हो रहा है. खासकर शहरों में नॉन फूड आइटम्स पर खर्च 60 फीसदी से ऊपर है. जबकि गांवों में ये आंकड़ा 50 फीसदी से ऊपर देखने को मिल रहा है.वास्तव में इस तरह के चौंकाने वाले आंकड़े Household Consumption Expenditure Survey: 2023-24 में देखने को मिले हैं. सरकार की इस रिपोर्ट में अगस्त 2023 से जुलाई 2024 तक के आंकड़े दिए गए हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इस रिपोर्ट में और किस तरह की जानकारी दी गई है.

नॉन फूड प्रोडक्ट्स पर खर्च के तहत बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. भले ही शहर में नॉन फूड प्रोडक्ट्स पर खर्च 60 फीसदी से ज्यादा देखने को मिला है. लेकिन वो खर्च पिछले साल के मुकाबले मामूली रूप से कम है. आंकड़ों के अनुसार साल 2023-24 में शहरों में खर्च 60.32 फीसदी देखने को मिला जो साल 2022-2023 में 60.83 फीसदी देखने को मिला था. जबकि ग्रामीण इलाकों में भी मामूली गिरावट देखने को मिली है. गांवों में साल 2022-23 में जो खर्च 53.62 फीसदी देखने को मिला था वो साल 2023-24 में कम होकर 52.96 फीसदी पर आ गया. खास बात तो ये है कि नॉन फूड प्रोडक्ट्स पर गांव में एक व्यक्ति ने एक महीने में औसतन 2,183 रुपए खर्च किए हैं. जबकि शहर में रहने एक व्यक्ति का महीने का खर्च 4,220 रुपए देखने को मिला.