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फ्रंट रनिंग घोटाले में केतन पारेख सहित तीन और लोगों का नाम सामने आया

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने फ्रंट रनिंग घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें मार्केट में पहले भी घोटाला करने वाले शख्स केतन पारेख सहित तीन और लोगों का नाम सामने आया है. आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर फ्रंट रनिंग योजना से संयुक्त राज्य अमेरिका स्थित विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) के ट्रेडों में हेराफेरी की है और निवेशकों को 65.77 करोड़ रुपये का चूना लगाया है, जिसके बाद सेबी ने इनके पैसे जब्त करने का निर्देश दिया और साथ ही साथ कारण बताओ नोटिस भी जारी किया और तीनों आरोपियों को बैन कर दिया है.

सेबी ने आगे बताया कि शेयरों को खरीदने और बेचने के लिए ये लोग पहले फ्रंट रनर को सीधे फोन कॉल नहीं कर रहे थे. बल्कि, वॉट्सऐप चैट और वॉट्सऐप कॉल के जरिए संपर्क किया जा रहा था. इन नंबरों को जैक, जैक न्यू या जैक लेटेस्ट के नाम से सेव किया किया गया था. नियामक बोर्ड ने कहा कि इन नंबरों की जांच की गई तो पता चला कि ये नंबर केतन पारेख के नाम पर रजिस्टर्ड हैं और रोहित उसकी मदद कर रहा है.

केतन पारेख का नाम 2000 के समय भारतीय शेयर मार्केट में काफी फेमस था. केतन जिस शेयर पर पैसा लगा देता वह शेयर रॉकेट बन जाता और जो शेयर बेच देता. उस कंपनी का बुरा हाल हो जाता. वैसे यह पेशे से एक चार्टेड अकाउंटेंट था और इसके परिवार वाले मार्केट से पहले जुड़े हुए थे. इसने कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज में अपना अलग ही दबदबा बना लिया. हालांकि, इसी समय इसने कई सारे घोटाले किए और निवेशकों को करोड़ों रुपये की चपत लगा दी, जिसके बाद सेबी ने इसे 14 सालों के लिए बैन कर दिया था. लेकिन इसके एक बार फिर इसके मार्केट में एक्टिव होने की खबर आ रही है.