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विदेशी अमरूद के किसान ने 2 बीघे में लगाए 300 पौधे

औरंगाबाद, औरंगाबाद जिले में अमरूद की कई किस्मों की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही हैं. कहीं इलाहाबादी अमरूद तो कहीं थाई अमरूद की खेती हो रही है. वहीं नबीनगर प्रखंड के किसान द्वारा बड़े पैमाने पर ताइवान पिंक अमरूद की खेती की जा रही है, जिससे किसान को सालाना की लाखों रुपए की कमाई हो रही हैबता दें कि जिले के नबीनगर प्रखंड के दुधार गांव के किसान मनोज कुशवाहा के द्वारा 2 बिगहा में ताइवान पिंक अमरूद की खेती की जा रही है. अमरूद की ताइवान पिंक किस्म की उपज साल में 3 बार होती है.

वहीं यह सभी मौसम में अच्छी उपज देती है. किसान ने बताया कि उन्होंने 2 बीघे में 300 ताइवान पिंक अमरूद के पौधे लगाए हैं. बता दें कि इस खेती को करने के लिए किसान ने ड्रिप सिस्टम तकनीक का उपयोग किया है, जिससे पानी की बचत भी होगी और पौधे में फलों की उपज भी अच्छी होगी. किसान ने कहा कि अमरूद को बैग के माध्यम से बांध दिया जाता है, जिससे उसकी अच्छी उपज होती है. वहीं इस ताइवान पिंक अमरूद का डिमांड बाजार में सबसे ज्यादा है. किसान मनोज इसकी खेती पिछले 5 वर्षों से कर रहे हैं.

किसान ने बताया कि इस ताइवान पिंक अमरूद का उत्पादन जैसे-जैसे समय गुजरता है वैसे-वैसे बढ़ता ही जाता है. वहीं इस पेड़ से दूसरे साल में 15 किलो प्रति पेड़ फल तैयार होता है, तो तीसरे साल 25- 30 किलो प्रति और 5वें वर्ष तक ये पेड़ 50 से 60 किलो प्रति पेड़ उपज तैयार करता है. यहां से अमरूद, औरंगाबाद सहित बिहार के कई अन्य जिलों में सप्लाई किया जाता है. अमरूद की खेती से किसान को सालाना लगभग 5 लाख रुपए की कमाई होती है.