जालंधर, पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ चलाई जा रही ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ मुहिम के तहत की जा रही जागरूकता बैठकों की श्रृंखला के अंतर्गत पंजाब के बागबानी, स्वतंत्रता सेनानी और रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने आज शहर के वार्ड नं. 57 और वार्ड नं. 58 में जागरूकता बैठकों के दौरान संबोधन करते हुए लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट होकर साझा प्रयास करने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई हुई है, जिसके तहत नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ नशों के दलदल में फंसे नौजवानों के पुनर्वास के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या सिर्फ किसी एक व्यक्ति या परिवार की नहीं है बल्कि यह पूरे समाज से जुड़ा हुआ गंभीर मुद्दा है, जिससे निपटने के लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नौजवान किसी भी प्रदेश और देश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं, जिन्हें नशों से दूर रखने के लिए हर व्यक्ति को नशों के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि साझा प्रयासों से ही नशों की चुनौती से निपटा जा सकता है।
श्री भगत ने नशों के खिलाफ मुहिम में वी.डी.सी. सदस्यों द्वारा निभाई जा रही भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि वी.डी.सी. सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में आम लोगों को नशों के बुरे प्रभावों के खिलाफ जागरूक करने और नशों की रोकथाम में अहम योगदान दे रहे है। इस अवसर पर काउंसलर कविता सेठ व डा. मनीष, सौरव सेठ, पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में इलाकावासी मौजूद थे।
