नई दिल्ली, लंबे अंतराल के बाद होने वाली 57वीं GST काउंसिल की बैठक को लेकर कारोबारियों और उद्योग जगत की उम्मीदें बढ़ गई हैं। बैठक में GST व्यवस्था को सरल बनाने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों में टैक्स दरों को तर्कसंगत करने और कारोबारियों की परेशानियों को कम करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
पहले GST काउंसिल की बैठक 12 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत की मेजबानी में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के चलते इसे 7 अक्टूबर तक टाल दिया गया था। GST काउंसिल सचिवालय के अनुसार, बाद में कुछ अपरिहार्य कारणों से बैठक का कार्यक्रम बदलकर गुरुवार कर दिया गया।
बैठक में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स से जुड़े EPC कॉन्ट्रैक्ट पर GST दर को 18 प्रतिशत से घटाकर फ्लैट 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। इसका उद्देश्य सोलर पैनल और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी उपकरणों पर लागू 5 प्रतिशत GST के साथ टैक्स दरों में एकरूपता लाना बताया जा रहा है।
कारोबारियों की परेशानी पर भी सरकार की नजर?
GST व्यवस्था लागू होने के बाद से छोटे और मध्यम कारोबारियों की ओर से समय-समय पर रिटर्न, नोटिस, ITC, पेनल्टी और टैक्स संबंधी प्रक्रियाओं को लेकर परेशानी की शिकायतें सामने आती रही हैं। कारोबारियों का कहना है कि टैक्स व्यवस्था जितनी सरल और स्पष्ट होगी, उतना ही कारोबार करना आसान होगा।
उद्योग जगत की ओर से अब उम्मीद जताई जा रही है कि GST काउंसिल केवल टैक्स दरों में बदलाव तक सीमित न रहते हुए ITC, नोटिस, रिटर्न फाइलिंग, पेनल्टी और अनुपालन से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों पर भी ठोस कदम उठाएगी।
जैक्सन ग्रीन के मैनेजिंग डायरेक्टर कन्नन कृष्णन के मुताबिक, लंबे अंतराल के बाद हो रही GST काउंसिल की बैठक इंडस्ट्री में लंबे समय से लंबित सुधारों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। खासकर रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में GST दरों में एकरूपता और सरलता जरूरी है। उनके अनुसार ITC व्यवस्था की समीक्षा कर कानूनी, प्रक्रियात्मक और प्रशासनिक बाधाओं को दूर किया जा सकता है, जिससे पूरी सप्लाई चेन में टैक्स क्रेडिट का प्रवाह आसान होगा।
कब तक मिल सकती है कारोबारियों को राहत?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि GST काउंसिल की बैठक में कारोबारियों की इन परेशानियों को लेकर सरकार क्या फैसला लेती है। अगर काउंसिल ITC, पेनल्टी और GST अनुपालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में फैसला करती है, तो इससे छोटे-बड़े कारोबारियों को राहत मिल सकती है।
हालांकि, जब तक GST काउंसिल की ओर से आधिकारिक फैसला या अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक यह कहना संभव नहीं है कि किस समस्या पर कब तक राहत मिलेगी। कारोबारियों की नजर अब बैठक में होने वाली चर्चा और उसके बाद जारी होने वाले आधिकारिक फैसलों पर टिकी है।
