जालंधर, डच हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी और 1996 के अटलांटा ओलंपिक खेलों तथा 1990 विश्व कप में स्वर्ण पदक विजेता फ्लोरिस जेन बोवेलैंडर ने पंजाब में ‘हीरो एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026’ देखने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा दिए गए निमंत्रण पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री की इस वर्ष अप्रैल में नीदरलैंड यात्रा तथा हॉकी के प्रति उनके गहरे जुनून और प्रेम को भी याद किया।
जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में चल रहे टूर्नामेंट के दौरान बातचीत करते हुए फ्लोरिस जेन बोवेलैंडर ने कहा, ‘‘मैं यह जानकर हैरान भी था और गर्व भी महसूस कर रहा था कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मुझे याद रखा और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का हिस्सा बनने के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया। यह निमंत्रण हॉकी के प्रति मुख्यमंत्री के अपार प्रेम का स्पष्ट प्रमाण है और इसी कारण मैंने जालंधर आने का निर्णय लिया।’’
अक्टूबर 1985 से अगस्त 1996 तक के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान नीदरलैंड के लिए 241 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर 215 गोल करने वाले महान ‘ड्रैग फ्लिकर’ बोवेलैंडर ने भारत को विश्व हॉकी का पावरहाउस बताया।
ओलंपिक आंदोलन में एशियाई देशों, विशेष रूप से भारत और पाकिस्तान के योगदान का उल्लेख करते हुए फ्लोरिस बोवेलैंडर ने दुनियाभर में इस आंदोलन को लोकप्रिय बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
भारतीय हॉकी के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए इस डच दिग्गज खिलाड़ी—जिसे ‘फ्लॉप’, ‘फ्लॉपी’ और ‘बूम बूम बोवेलैंडर’ के नाम से भी जाना जाता है—ने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय हॉकी से जुड़ी उनकी अधिकांश यादें पंजाब के खिलाड़ियों, विशेष रूप से सिख खिलाड़ियों, से जुड़ी हैं। बोवेलैंडर ने जोर देकर कहा कि पंजाब के बिना भारतीय हॉकी की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
अपनी यात्रा के दौरान फ्लोरिस बोवेलैंडर ने पंजाब के 37 कोचों और पंजाब सरकार की देखरेख में चल रही ‘सुरजीत हॉकी अकादमी’ के उभरते हॉकी खिलाड़ियों के साथ एक संयुक्त प्रशिक्षण सत्र में भी हिस्सा लिया। उन्होंने स्वयं हॉकी स्टिक पकड़कर हिट लगाए और खिलाड़ियों से ड्रैग फ्लिक भी करवाकर देखी। इस अवसर पर उनके साथ खेल विभाग से ओलंपिक पदक विजेता गुरजंट सिंह, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता जीवनजोत सिंह तेजा और हॉकी कोच अवतार सिंह भी मौजूद थे। अगली पीढ़ी के हॉकी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए फ्लोरिस बोवेलैंडर ने युवा प्रशिक्षुओं के साथ ‘ड्रैग-फ्लिक’ प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव के आधार पर खेल से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव भी साझा किए।
