श्रीलंका में $392 मिलियन के कोलंबो पोर्ट लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट से चाइना मर्चेंट्स पोर्ट पीछे हट गई है। इस डील के टूटने और 5 अन्य मेगा प्रोजेक्ट्स के ठप होने से श्रीलंका की साख पर संकट गहराता दिख रहा है। श्रीलंका की विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि कम से कम पांच प्रोजेक्ट्स पिछले कुछ समय में ठप हो गये हैं। जबकि हिंद महासागर में भारत के लिए ये एक बहुत बड़ा मौका बन गया है। श्रीलंका अब इस प्रोजेक्ट के लिए किसी और देश से निवेश मांग सकता है और भारत के लिए ये एक बड़ा अवसर है।
कोलंबो: हिंद महासागर में आर्थिक और कूटनीतिक हलचलों के बीच श्रीलंका को एक और बड़ा झटका लगा है। चीन की प्रमुख पोर्ट ऑपरेटर चाइना मर्चेंट्स पोर्ट होल्डिंग्स (China Merchants Port Holdings) ने कोलंबो बंदरगाह पर प्रस्तावित 392 मिलियन डॉलर यानि लगभग 3,200 करोड़ से ज्यादा के साउथ एशिया कमर्शियल एंड लॉजिस्टिक्स हब (SACLH) प्रोजेक्ट से आधिकारिक रूप से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। चीनी कंपनी के इस कदम के बाद श्रीलंका की राजनीति में भूचाल खड़ा हो गया हैं और सवाल पूछे जा रहे हैं कि आखिर इसके पीछे कौन है?
