धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर्स ने दो सिर के साथ जन्मे बच्चे का जटिल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाने का काम किया है. प्रयागराज के नारायण स्वरूप अस्पताल के एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ राजीव सिंह और उनकी टीम ने चार घंटे की जटिल सर्जरी के बाद बच्चे की जान बचाई। उनकी इस उपलब्धि को चिकित्सा जगत में जहां बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है.
वहीं तीन बेटियों के बाद जन्मजात विकृति की दुर्लभ बीमारी दो सिर के बच्चे यानी इनसिफैलोसिली की बीमारी से ग्रसित बच्चे को डॉक्टर ने नया जीवन दिया है. यह बीमारी 10 लाख में किसी एक बच्चे को होती है और इसका इलाज सिर्फ सर्जरी से ही संभव है. फतेहपुर जिले के खागा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 9 दिसंबर 2024 को पवन कुमार पाल की पत्नी रचना पाल ने एक बच्चे को जन्म दिया था. इसके बाद परिवार बच्चे को लेकर अपने घर फतेहपुर के खागा लौट आया.
