अमेरिका के न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा को 25 अरब डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया है. जूरी ने पाया कि कंपनी ने फेसबुक पर यूजर्स के निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर उन्हें गुमराह किया और उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का 4.3 करोड़ से अधिक बार उल्लंघन किया. यह जुर्माना 2019 में फेसबुक पर लगाए गए 5 अरब डॉलर के जुर्माने से भी कहीं अधिक है. मेटा ने पहले ही फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है.
फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा पर मुसीबत का पहाड़ टूटा है. जी हां, फेसबुक-व्हाट्सऐप वाली कंपनी मेटा पर अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना लगा है. अमेरिका के न्यू मैक्सिको में एक अदालत ने कंपनी को 25 अरब डॉलर यानी करीब 2.35 लाख करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है. जूरी ने माना कि फेसबुक ने यूजर्स को उनके निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर गुमराह किया. यह मामला डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान से जुड़ा है. यह मामला सिर्फ डेटा लीक का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही से भी जुड़ा है. हालांकि, मेटा ने पहले ही इस फैसले को चुनौती देने के संकेत दिए हैं. सवाल यह है कि आखिर फेसबुक ने ऐसा क्या किया कि उस पर इतना भारी जुर्माना लगाया गया?
